Bilaspur Elephant Attack: बिलासपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले सीपत (Sipat) में एक महिला पर हाथी ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। प्रशासन ने चेतावनी जारी की थी, लेकिन इसके बावजूद हाथियों की आवाजाही थम नहीं रही है।
आज सुबह बिलासपुर शहर से लगे ग्राम नगोई (Nagoi Village) में एक जंगली हाथी ने सो रही महिलाओं और बच्चे पर हमला कर दिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
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ग्रामीणों के अनुसार, घटना सुबह तब हुई जब घर के बाहर सो रहीं महिलाओं और बच्चे पर हाथी अचानक हमला करने लगा। हमले में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक महिला और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल बिलासपुर सिम्स अस्पताल (CIMS Hospital) ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की स्थिति गंभीर है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़कर सीपत के जंगलों (Forests of Sipat) से होते हुए नगोई गांव पहुंचा है। उसके पैरों के निशान गांव के खेतों और पगडंडियों में साफ दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने हाथी का वीडियो भी बनाया, जिसमें वह पेड़ों के पीछे छिपा हुआ नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव में पहली बार किसी जंगली हाथी का प्रवेश हुआ है, जिससे लोग बेहद डरे हुए हैं और घरों के बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं।
हमले की जानकारी मिलते ही वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम गांव पहुंची। अधिकारी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और हाथी से दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
वन विभाग ने गांव के पास गश्त बढ़ा दी है और हाथी को उसके प्राकृतिक आवास की ओर मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि हाथी अभी भी आसपास के जंगल क्षेत्रों में घूम रहा है, इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
गांव में माहौल बेहद तनावपूर्ण है। कई ग्रामीणों ने कहा कि लगातार चेतावनी के बावजूद उचित सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
लोग मांग कर रहे हैं कि रात में गश्त बढ़ाई जाए और गांव के पास चेतावनी सिस्टम लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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