केरल में दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनाव 2025 की मतगणना के रुझानों ने राज्य की शहरी राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। राजधानी तिरुवनंतपुरम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए सभी को चौंका दिया है, जबकि केंद्रीय मंत्री और सांसद सुरेश गोपी के गढ़ त्रिशूर में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है।
कॉरपोरेशन चुनावों के शुरुआती रुझानों के अनुसार, UDF छह में से चार नगर निगमों में आगे चल रही है। कोल्लम, कोच्चि और त्रिशूर में UDF ने स्पष्ट बढ़त बना ली है, जबकि कन्नूर में भी उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है। इसके उलट, NDA ने तिरुवनंतपुरम कॉरपोरेशन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त हासिल की है, जिससे राजधानी में भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
तिरुवनंतपुरम कॉरपोरेशन के 101 वार्डों में से NDA करीब 50 वार्डों में आगे चल रही है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 51 है। उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम नतीजों में भाजपा यह आंकड़ा पार कर लेगी। यदि ऐसा होता है तो यह जीत केरल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए एक अहम राजनीतिक संकेत मानी जाएगी, क्योंकि पार्टी अब तक राज्य में सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई है। खास बात यह है कि तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस नेता शशि थरूर सांसद हैं और हाल के दिनों में उनकी पार्टी से दूरी की चर्चाएं भी सुर्खियों में रही हैं।
हालांकि, केरल की नगर पालिकाओं में भाजपा का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। त्रिशूर कॉरपोरेशन, कोडुंगल्लूर और शोरनूर जैसी अहम नगरपालिकाओं में पार्टी पीछे चल रही है। यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री और सांसद सुरेश गोपी का संसदीय क्षेत्र है, जहां भाजपा को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला।
What a day of amazing results in the Kerala local self-government elections! The mandate is clear, and the democratic spirit of the state shines through.
A huge congratulations to @UDFKerala for a truly impressive win across various local bodies! This is a massive endorsement…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) December 13, 2025
इस बीच, शशि थरूर ने UDF की जीत पर बधाई देते हुए तिरुवनंतपुरम में भाजपा के प्रदर्शन को “ऐतिहासिक” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह नतीजे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जनता का बड़ा संकेत हैं।